Sunday, August 30, 2026

356th Post…

As this year rolls on and this post gets published, I have written a year worth of posts on this blog! In less than 20 years! That is quite an achievement! Worthy of a grand celebration, indeed!

Shankh

And that is why I will share here the following poem by Dr. Prabha Thakur on Life – ज़िंदगी – Zindagi (about which this blog is, if you’d forgotten!), celebrating all its aspects – from the negative to the positive, from the mundane to the extraordinary, from the first to the last, and the most important, the uniqueness of it all! Please enjoy this poem and have a cake on my behalf!🍰

ज़िंदगी

ये ज़िंदगी ग़म ही सही, ये ज़िंदगी कम ही सही
पर ज़िंदगी भाती तो है, ये सब का दिल लुभाती तो है
ये ज़िंदगी ग़म ही सही, ये ज़िंदगी कम ही सही ॥

आबादियाँ वीरानियाँ, खुशहालियाँ रुसवाइयाँ
सब ज़िंदगी के नाम हैं, ये ज़िंदगी के ईनाम हैं
खट्टी सही मीठी सही, ये ज़िंदगी कड़वी सही
है ज़िंदगी तो हर बात है, तो सब ज़िंदगी की सौगात है
ये ज़िंदगी ग़म ही सही, ये ज़िंदगी कम ही सही ॥

सूरज गगन धरती हवा, सुख-दुख हंसी सरगम पिया
इसने हमें क्या-क्या दिया, इस ज़िंदगी का शुक्रिया
ये दो घड़ी का सपना सही, ये चार दिन का नगमा सही
पर ज़िंदगी गाती तो है, ग़म में भी ये मुसकुराती तो है
ये ज़िंदगी ग़म ही सही, ये ज़िंदगी कम ही सही ॥

हारो न तुम बढ़ते रहो, इस ज़िंदगी से लड़ते रहो
खो जाए गर तो फिर ढूंढ लो, टूटे अगर तो फिर से गढ़ो
ये मूर्ति कच्ची नहीं, इससे जफ़ा अच्छी नहीं
ये जीत है ये प्रीत है, गाओ अगर तो ये गीत है
ये ज़िंदगी ग़म ही सही, ये ज़िंदगी कम ही सही ॥

थोड़ा बुरा थोड़ा भला, तक़दीर का है सिलसिला
जो भी दिया वो ही मिला, फिर ज़िंदगी से कैसा गीला
अमृत यही मदिरा यही, विष मान लो तो विष ही सही
ये जाम तो पीना ही है, तो हँस के जियो तो जीना भी है
ये ज़िंदगी ग़म ही सही, ये ज़िंदगी कम ही सही ॥

क्यों मौत की माँगे दुआ, जाना तो है फिर फ़िक्र क्या
कुछ ज़िंदगी में करके चलो, ये क़र्ज़ है भर के चलो
सच्ची सही झूठी सही, गर ये नहीं तो कुछ भी नहीं
इस दास्तान को उनवान दो, इस ज़िंदगी को पहचान दो
ये ज़िंदगी ग़म ही सही, ये ज़िंदगी कम ही सही ॥

– प्रभा ठाकुर

Of course, there is a live recitation of this poem by her and it follows.

'Zindagi' by Dr. Prabha Thakur